सज्जाद टाइम्स न्यूज
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में 17 फरवरी को घातक कोटेड पतंग डोर के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित की गई है। यह याचिका पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षणवादी सैयद अली हसनैन आब्दी फैज़ द्वारा दायर की गई है।
याचिका में राज्य सरकार से मांग की गई है कि किसी भी प्रकार की कोटेड अथवा रासायनिक परतयुक्त पतंग डोर की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, पहले से जारी आदेशों का सख्ती से पालन कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि कोटेड पतंग डोर के कारण दोपहिया वाहन चालकों के गले कटने, राहगीरों के गंभीर रूप से घायल होने तथा गाय, पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की मृत्यु तक के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। यह डोर न केवल मानव जीवन के लिए खतरा बन चुकी है, बल्कि पशु-पक्षियों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए भी गंभीर चुनौती साबित हो रही है।
मामले की पैरवी अधिवक्ता राजेश कुमार कश्यप कर रहे हैं। याचिका में न्यायालय से अनुरोध किया गया है कि संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना बनाने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, नियमित छापेमारी करने और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।
- इस अहम सुनवाई से आमजन, पशुपालकों और पर्यावरण प्रेमियों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं कि न्यायालय जनहित में ठोस और प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करेगा।
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