सज्जाद टाइम्स
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में शिया समुदाय की एक इमामबारगाह पर हुए भीषण आतंकवादी हमले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हमले में 70 से अधिक मोमिनीन की शहादत की सूचना है, जबकि लगभग 180 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना को लेकर देश-विदेश में गहरा आक्रोश और शोक की लहर है।
इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मौलाना सैयद सैफ़ अब्बास ने इसे अत्यंत हृदयविदारक, दुखद और निंदनीय करार दिया। उन्होंने जारी बयान में कहा कि निर्दोष नमाज़ियों को इबादत के दौरान निशाना बनाया जाना मानवता और इस्लाम दोनों के खिलाफ है। ऐसी घटनाएं किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं।
मौलाना सैफ़ अब्बास ने कहा कि पाकिस्तान में लगातार शिया मस्जिदों और इमामबारगाहों को आतंकवादी हमलों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है, जो एक संगठित धार्मिक घृणा और फिरकावारियत को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र, इस पर प्रभावी प्रतिबंध न लगाकर मूकदर्शक बना हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेगुनाहों का खून बहाना न तो इस्लाम में जायज़ है और न ही किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में इसकी कोई जगह हो सकती है। इबादतगाहों पर हमले खुली इस्लाम-विरोधी मानसिकता और धार्मिक नफरत की बदतर मिसाल हैं।
मौलाना सैफ़ अब्बास ने तमाम मक्तब-ए-फ़िक्र के उलेमा और अवाम से अपील की कि वे आतंकवाद और फिरकावारियत के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अपने बयान के अंत में उन्होंने दुआ करते हुए कहा कि अल्लाह तआला शहीदों के दर्जात बुलंद फरमाए, घायलों को शिफ़ा-ए-कामिला अता फरमाए और शहीदों के पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
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