*गोंडा बहराइच दारूबाज प्रोफेसर का ड्रामेबाज अवतार , मेडिकल कॉलेज परिसर में खूब की दबंगई* ब्यूरो रिपोर्ट बहराइच- जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का मुहाबरा इस वीडियो में आपको एक दम देखने को मिलेगा वीडियो बहराइच के महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज का है जहां वहां के प्रोफेसर मलिक शहनवाज, व असिटेंट प्रोफेसर शुक्ला शराब के नशे में टल्ली होकर रात में होस्टल परिसर में अवैध धन उगाई कर रहे है, छात्रों के ऊपर शराब के नशे में दबंगई करते हुए दिखाई दे रहे है, वहीं पर मौजूद होमगार्ड को भी धक्का देते हुए नजर आ रहे है, जबकि सूत्रों के अनुसार बताया कि यह सब कार्य यह लोग प्रिंसिपल संजय खत्री के कहने पर कर रहे है , जिनके ऊपर लखनऊ चौक कोतवाली में कई संगीन धाराओं दर्ज है, एवं लखनऊ के केजीएमयू में भी कई आरोप लगे हुए है प्रंसिपल खत्री नौकरी के नाम ठगी, व पेपर आउट का भी आरोपी रह चुका है, वही मलिक शहनबाज प्रिंसिपल के साथ सांठगांठ करके कई करोड़ो रूपये की धन उगाही कर रहा है बताया जा रहा है कि मलिक शहनबाज ने कुछ ही दिन पहले लखनऊ के शालीमार अपार्टमेंट में लगभग 2 करोड़ रुपए का फ्लैट भी खरीदा है, वहीं प्रोफेसर डॉ० मलिक व असिस्टेंट प्रो० शुक्ला को इससे पहले प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा के द्वारा इन दोनों आरोपियों को हटाया जा चुका है जिनको प्रंसिपल खत्री के द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए फिर से वापस रख लिया गया है जो कि एक भ्रष्टाचार का जीता जाता उदाहरण है, वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार असिटेंट प्रो० शुक्ला फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहे है जो खुद में एक जांच का विषय है, अब भैया यूपी में प्रोफेसर और प्रिंसिंपल इस तरह गुंडई करेंगे तो पढ़ रहे छात्रों को भविष्य के डॉक्टरों को क्या पढ़ाएंगे , वही कई संगठनो व समाजसेवियों के द्वारा शासन को पत्रों के माध्यम से इनकी काली करतूतों से अबगत कराया गया परन्तु इनकी शासन में उच्च अधिकारियों से पकड़ होने की बजह से इनके ऊपर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई , प्रिंसिपल संजय खत्री व प्रोफेसर डॉ०मलिक शहनबाज प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की धौंस दिखाकर भ्रस्टाचार में लिप्त है, एवं अपने चेहते पाटर्नर मलिक को ही कॉलेज के सारे प्रमुख डिपार्टमेंट का चार्ज भी दे रखें है, वहीं सूबे के ईमानदार मुख्य्मंत्री योगी के प्रदेश में इस तरह की घटना सच मे एक सवाल खड़ा करती है वहीं मामला विधानसभा के मानसून सत्र में भी उठा चुके है,अब देखना ये होगा कि इन दारूबाज प्रोफेसर व भ्रस्टाचार में लिप्त प्रिंसिपल पर कार्यवाही कब होती है ।

उत्तर प्रदेश

*गोंडा बहराइच दारूबाज प्रोफेसर का ड्रामेबाज अवतार , मेडिकल कॉलेज परिसर में खूब की दबंगई*

दिनेश कुमार लखनऊ

बहराइच- जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का मुहाबरा इस वीडियो में आपको एक दम देखने को मिलेगा वीडियो बहराइच के महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज का है जहां वहां के प्रोफेसर मलिक शहनवाज, व असिटेंट प्रोफेसर शुक्ला शराब के नशे में टल्ली होकर रात में होस्टल परिसर में अवैध धन उगाई कर रहे है, छात्रों के ऊपर शराब के नशे में दबंगई करते हुए दिखाई दे रहे है, वहीं पर मौजूद होमगार्ड को भी धक्का देते हुए नजर आ रहे है, जबकि सूत्रों के अनुसार बताया कि यह सब कार्य यह लोग प्रिंसिपल संजय खत्री के कहने पर कर रहे है , जिनके ऊपर लखनऊ चौक कोतवाली में कई संगीन धाराओं दर्ज है, एवं लखनऊ के केजीएमयू में भी कई आरोप लगे हुए है प्रंसिपल खत्री नौकरी के नाम ठगी, व पेपर आउट का भी आरोपी रह चुका है, वही मलिक शहनबाज प्रिंसिपल के साथ सांठगांठ करके कई करोड़ो रूपये की धन उगाही कर रहा है बताया जा रहा है कि मलिक शहनबाज ने कुछ ही दिन पहले लखनऊ के शालीमार अपार्टमेंट में लगभग 2 करोड़ रुपए का फ्लैट भी खरीदा है, वहीं प्रोफेसर डॉ० मलिक व असिस्टेंट प्रो० शुक्ला को इससे पहले प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा के द्वारा इन दोनों आरोपियों को हटाया जा चुका है जिनको प्रंसिपल खत्री के द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए फिर से वापस रख लिया गया है जो कि एक भ्रष्टाचार का जीता जाता उदाहरण है, वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार असिटेंट प्रो० शुक्ला फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहे है जो खुद में एक जांच का विषय है, अब भैया यूपी में प्रोफेसर और प्रिंसिंपल इस तरह गुंडई करेंगे तो पढ़ रहे छात्रों को भविष्य के डॉक्टरों को क्या पढ़ाएंगे , वही कई संगठनो व समाजसेवियों के द्वारा शासन को पत्रों के माध्यम से इनकी काली करतूतों से अबगत कराया गया परन्तु इनकी शासन में उच्च अधिकारियों से पकड़ होने की बजह से इनके ऊपर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई , प्रिंसिपल संजय खत्री व प्रोफेसर डॉ०मलिक शहनबाज प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की धौंस दिखाकर भ्रस्टाचार में लिप्त है, एवं अपने चेहते पाटर्नर मलिक को ही कॉलेज के सारे प्रमुख डिपार्टमेंट का चार्ज भी दे रखें है, वहीं सूबे के ईमानदार मुख्य्मंत्री योगी के प्रदेश में इस तरह की घटना सच मे एक सवाल खड़ा करती है वहीं मामला विधानसभा के मानसून सत्र में भी उठा चुके है,अब देखना ये होगा कि इन दारूबाज प्रोफेसर व भ्रस्टाचार में लिप्त प्रिंसिपल पर कार्यवाही कब होती है ।

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