हम भी भारत के लिये शहादत का जज़्बा रखते हैं : इरशाद अहमद क़मर

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर क़मर फाउंडेशन की जानिब से सेमिनार का आयोजन

अहमद सईद

फतेहपुर, बाराबंकी। स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर क़मर फाउंडेशन फतेहपुर बाराबंकी उत्तर प्रदेश द्वारा दारे अज़ीज़ हॉल देवा शरीफ में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु आश्रम के महंत लक्षमेन्द्र दास जी ने की और संचालन मौलाना मिनहाज आलम नदवी ने किया। अहमद सईद हर्फ़ के देशगीत से प्रारम्भ होने वाले इस सेमिनार में अध्यक्षता कर रहे महंत लक्षमेन्द्र दास जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि मानव धर्म सबसे बड़ा धर्म है, यदि किसी मनुष्य के द्वारा किसी को कष्ट पहुँचे तो ये अच्छी बात नहीं। समाज में हमें सभी के साथ प्रेम और स्नेह से रहना चाहिए। सेमिनार के मुख्य अतिथि नगर पंचायत फतेहपुर के चैयरमैन इरशाद अहमद कमर ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारा देश भारत बड़े संघर्षों के बाद आज़ाद हुआ है। हमारे बड़े बुज़ुर्ग इसे अंग्रेज़ों से आज़ाद कराने के लिए शहीद हुए हैं, हम भी भारत के लिए शहादत का जज़्बा रखते हैं। डॉ0 अबरारुलहक़ उस्मानी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कि कोई इन्सान किसी भी मज़हब का मानने वाला हो, सबसे पहले वो इन्सान है और हिदुस्तानी है, इसलिए सभी को आपस में मिलजुलकर आपसी भाईचारे के साथ रहना चाहिए। मौलाना क़ासमी ने अपने बयान में कहा कि जंगे-आज़ादी की तहरीक में उलमाए-किराम का बहुत एहम किरदार है। उलमाओं ने बड़ी कुर्बानियाँ दी हैं, इनकी क़ुर्बानियों को फरामोश नहीं किया जा सकता। मास्टर अज़ीज़ अहमद ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज मुल्क के हालात किसी से छुपे नहीं हैं, जो हो रहा है वो सभी जानते हैं लेकिन हम हिंदुस्तानियों को आपस में इत्तेहाद के साथ रहने की ज़रूरत है। क़मर फाउंडेशन के संरक्षक मौलाना मेराज अहमद कमर ने कमर फाउंडेशन की जानिब से की जाने वाली क़ौमी, मिल्ली, सामाजिक सेवाओं के बारे में जनता को जागरूक करने की बात की। अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामिया इण्टर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता मो0 इमरान उस्मानी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज हम सभी ये वचन लें कि भारत को और मजबूत बनाना है। इसके अलावा पंजाब केसरी के ब्यूरो चीफ मो0 अतहर और मास्टर फ़ैज़ आलम ने भी अपना वक्तव्य रखा। मौलाना मेराज अहमद क़मर ने अपने संबोधन में इस्लाम के नाम पर चलने वाले दहशतगर्दी और नफरत फैलाने वाले संगठनो जैसे पी एफ आई व इसी प्रकार के अन्य संघठनो से दूर रहने की बात पर जोर दिया। इस अवसर पर ज़फरुल इस्लाम पप्पू, मो0 अरमान वारसी, मो0 आलम क़ुरैशी सहित आदि भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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